बाल-गृह में अनाथ एवं निर्धन बच्चों को निःशुल्क आवास, भोजन, शिक्षा और संस्कार दिए जाएंगे। यहां उनका समग्र विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं संस्कारी नागरिक बनाया जाएगा।