गौशाला एवं चिकित्सालय में गौवंश की देखभाल, पोषण और उपचार की समुचित व्यवस्था होगी। साथ ही आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से समाज को स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।