वृद्ध आश्रम में बेसहारा बुजुर्गों को सुरक्षित आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।यहां उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन, और मानसिक शांति का वातावरण मिलेगा।
बाल-गृह में अनाथ एवं निर्धन बच्चों को निःशुल्क आवास, भोजन, शिक्षा और संस्कार दिए जाएंगे। यहां उनका समग्र विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं संस्कारी नागरिक बनाया जाएगा।
गौशाला एवं चिकित्सालय में गौवंश की देखभाल, पोषण और उपचार की समुचित व्यवस्था होगी। साथ ही आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से समाज को स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।
संस्कृत विद्यालय में वैदिक ज्ञान, शास्त्र और भारतीय संस्कृति की शिक्षा दी जाएगी। यहां विद्यार्थियों को भाषा, संस्कार और परंपराओं से जोड़कर उनका बौद्धिक व आध्यात्मिक विकास किया जाएगा।
सत्संग सभागार में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यहां भक्तजन भजन, प्रवचन और सत्संग के माध्यम से आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करेंगे।
वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से प्रकृति संतुलन और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा दिया जाएगा। भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ वायु और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना हमारा उद्देश्य है।